मोदी सरकार में रसोई गैस के बढ़ते दामों पर कांग्रेस का हमला, रणदीप सुरजेवाला बोले– जनता में हाहाकार
मोदी सरकार में लगातार रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी से मचा हाहाकार : रणदीप सुरजेवाला
कर्ज में डूबे प्रदेश के हितों से नायब सैनी सरकार ने बजट में किया कुठाराघात।
प्रदेश में बेरोजगारी अपरंपार, शिक्षा का बंटाधार और जनकल्याणकारी योजनाओं पर कटौती की मार।
नरवाना 8 मार्च (नरेन्द्र जेठी)
भाजपा सरकार में लगातार बढ़ रही रसोई गैस के दामों ने आमजन की आजीविका पर कड़ा प्रहार किया है। आज अपने आवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात दौरान कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार ने देश भर में घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है।इसी तरह व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की वृद्धि की गई है। सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दिनों मोदी सरकार ने कहा था कि देश में इसकी कोई कमी नहीं है, फिर एकाएक एलपीजी के दाम क्यों बढ़ाया गया ? क्या यह आपदा में अवसर है। भारी टैक्स, बिजली दरों की बढ़ोतरी, टोल टैक्स इत्यादि करों ने पहले ही जनता को महंगाई की मार में धकेल रखा है अब रसोई गैस के बढ़ते दामों ने गरीब जनता का जीना दुश्वार कर दिया है
हरियाणा भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि झूठ की रेल और जुमलों का घालमेल, झाँसे पर झाँसे देती हरियाणवियों को छलने वाली भाजपा सरकार असल में फेल है। नायब सैनी सरकार ने प्रदेश को कर्ज के गहरे गर्त में धकेल दिया है। 12 साल में भाजपा सरकार ने हरियाणा का कर्ज 456 प्रतिशत बढा दिया। साल 2014-15 में जब कांग्रेस सरकार गई और भाजपा आई, तो प्रदेश पर कुल कर्ज था रूपए 70,925 करोड। साल 2026-27 में प्रदेश पर कुल कर्ज बढकर हो जाएगा, रूपए 3,94,551 करो?, यानी 12साल में रूपए 3,23,626 करोड की बढोत्तरी। भाजपा सरकार पिछले 12 साल से हर दिन रूपए 74 करोड कर्ज लेती है, यानी हर घंटे रूपए 3.08 करोड कर्ज और हर मिनट रूपए 5,14,000 कर्ज। प्रदेश के 2.80 करोड नागरिकों में से हर नागरिक पर रूपए 1,40,911 का कर्ज है। सुरजेवाला ने कहा कि मोदी सरकार के नीति आयोग ने फिस्कल हैल्थ इनडैस्क में 18 प्रांतों के आकलन में हरियाणा सरकार को फिसड्डी मान बिहार से भी नीचे 14 नंबर पर रखा है।
कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि निर्दयी भाजपा सरकार ने बुजुर्गों व विधवाओं की पेंशन पर बजट में भारी कटौती की है। बुजुर्गों की पेंशन बढाने को लेकर भाजपा सरकार ने खूब शेखी बघारी, पर बजट 2026-27 में ‘बुजुर्ग सम्मान पेंशन’ का 40.74प्रतिशत बजट ही काट दिया है। भाजपा सरकार लाखों बुजुर्गों की पेंशन पर कैंची चलाने की तैयारी कर रही है। विधवा व बेसहारा महिलाओं को मिलने वाली राशि में रूपए 685 करोड की कटौती की गई है। दिव्यांगजनों की पेंशन में भी रूपए 136 करोड की कटौती की गई है। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी दुर्घटना सहायता योजना का बजट 86प्रतिशत काट दिया। मुख्यमंत्री मातृत्व योजना का बजट भी 33प्रतिशत काट दिया।
सुरजेवाला ने कहा कि नायब सैनी सरकार ने बजट में गरीबों के राशन पर कैंची चलाई है। 2024 के लोकसभा व विधानसभा चुनाव के समय वोट बटोरने के लिए भाजपा सरकार ने खूब बीपीएल कार्ड बाँटे और कुल बीपीएल कार्डधारकों की संख्या 51.72 लाख पहुँचा दी। भाजपा सरकार ने वोट बटोरते ही गरीबों के अधिकारों पर कैंची चला दी तथा अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच 12,01,769 बीपीएल कार्ड काट डाले।
सांसद रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हरियाणा भाजपा सरकार पिछले 11 सालों से युवाओं को बेरोजगारी के कुएं में धकेल रही है। सीएमआईई की रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा में बेरोजगारी की दर 37प्रतिशत है। हरियाणा में 2,00,000 सरकारी नौकरियाँ खाली प?ी हैं। युवाओं को ॥ कौशल निगम के अंधे कुएं में धकेल रखा है। साल 2022 से फरवरी 2026 के बीच ॥ एचकेआरएन पोर्टल पर रजिस्टर हुए 14,63,428 युवाओं में से 92प्रतिशत को कच्ची नौकरी भी नहीं मिली। 4 साल से अधिक में केवल 16,863 युवा ही कच्ची नौकरी पा पाए। यही नहीं, नौकरियों की संख्या अधिक दिखाने का फर्जीवाडा करते हुए भाजपा सरकार ने सालों से टैम्परेरी नौकरी पर काम कर रहे 97,051 युवाओं को नई नौकरी दी हुई दिखा दिया।
सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा का बंटाधार कर रही है और अनप?ता ब?ा रही है। साल 2013-14 में कांग्रेस शासन में कुल बजट के खर्च में शिक्षा पर होने वाले खर्च का हिस्सा था, 21.77प्रतिशत । बजट 2026-27में यह घटकर रह गया है 10.80प्रतिशत ।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 90प्रतिशत प्रिंसिपल/हेडमास्टर के पद खाली पडे हैं - 916 सैक्सनड पदों में 823 खाली व केवल 93 भरे। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 30,000 अध्यापकों के पद खाली हैं। सुरजेवाला ने कहा कि उच्च शिक्षा का हाल भी बेहाल है। हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में भी प्रिंसिपल के पद खाली प?े हैं। 185 सैक्सनड पदों में से 69 खाली हैं, यानी 38प्रतिशत । कॉलेज में पढाने वाले असीसटैन्ट प्रोफैसर के 60प्रतिशत पद खाली हैं - 8,137 सैक्सन पोस्ट में से 4,902 पद खाली हैं। हरियाणा की यूनिवर्सिटियों की हालत तो और बदतर है। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 50प्रतिशत टीचिंग पोस्ट खाली हैं। चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी, भिवानी में 69प्रतिशत टीचिंग पोस्ट खाली हैं। सीडीएलयू सिरसा यूनिवर्सिटी में 60प्रतिशत टीचिंग पोस्ट खाली हैं। सीआरएसयू जींद यूनिवर्सिटी में 60प्रतिशत पोस्ट खाली हैं। सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र भाजपा सरकार और हरियाणा की नायब सैनी सरकार दोनों जनता को प्रताड़ित करने के हर हथकंडे अपना रही है।