भारत का नेतृत्व नान-बायोलॉजिकल अवतारी पुरुष के हाथ में

नैतिकता अमर रहे! :

न्यूज़ हैंड/विष्णु नागर

हम दुनिया के परम नैतिक लोग हैं। इतने नैतिक कि दुनिया के इतिहास में इतना नैतिक शायद ही कोई हुआ हो! हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर मोदी स्वयं में नैतिकता के अद्भुत प्रतिमान हैं। वे गांधी जी से चार कदम आगे हैं, मगर डोनाल्ड ट्रंप जी से तीन कदम और नेतन्याहू से दो कदम पीछे हैं! ऐसा प्रधानमंत्री सर्दियों में किसी-किसी देश को मिलता है और इक्कीसवीं सदी में यह हमें मिला है! वैसे भी जो नान-बायोलॉजिकल होता है, वह आटोमेटिकली नैतिक होता है! समस्या बायोलॉजिकल्स के सामने आती है, मगर वह समस्या भी समस्या नहीं रहती, क्योंकि नेतृत्व ऐसे नान-बायोलॉजिकल अवतारी पुरुष के हाथ में है, जिसे ईश्वर ने भारत भूमि पर नैतिकता की पुनर्स्थापना के विशेष उद्देश्य से भेजा है। और इस आदेश के साथ भेजा है कि जब तक नैतिकता की प्राण-प्रतिष्ठा न हो जाए, तब तक किसी भी कीमत पर भारत भूमि नहीं छोड़ना है, चाहे सदियां बीत जाएं! चाहे प्रलय आ जाए, धरती ऊभ-चूभ हो जाए!

हां तो जी, हम परम नैतिक लोग हैं। हमारे यहां प्रधानमंत्री ही नहीं, उनकी सारी सरकार चाल, चरित्र और चेहरे से संपन्न है। ऐसी सरकार दुनिया में पहले कभी नहीं हुई, आगे भी कभी नहीं होगी, आज और अभी है! यही कारण है कि एपस्टीन सेक्स फाइल पर पूरी दुनिया में हंगामा मचा हुआ है, हमारे यहां नहीं मचा, क्योंकि हमारा नेतृत्व परम नैतिक प्रधान सेवक के हाथ में है! नैतिकता इस बात की अनुमति नहीं देती कि ऐसी टुच्ची बातों पर हंगामा किया जाए!





नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री थोरब्योर्न जगलैंड ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगने पर और उनके घर पर छापा पड़ने पर शर्म के मारे आत्महत्या करने की कोशिश की, क्योंकि भौतिकतावादी पश्चिमी देशों ने कभी चाल, चरित्र और चेहरे के महत्व को नहीं समझा, उन्होंने कभी नागपुर को सेवा तीर्थ नहीं समझा! समझा होता, तो ये नौबत उनके सामने नहीं आती। हमारे यहां और जो भी आत्महत्या कर ले, नेता नहीं करता! वह हत्या और आत्महत्या करवाने की क्षमता से लैस होता है, वह आत्महत्या नहीं करता! ऐसा चलन अगर हमारे यहां होता, तो देश नेताओं से करीब-करीब खाली हो जाता! हमारे यहां नेता पर जो भी आरोप लग जाएं, वे सिद्ध भी हो जाएं, उसकी चाहे जो फाइल खुल जाए, वह अपने पथ से नहीं डिगता! वह जानता है कि फाइल बंद होने के लिए है,खोने के लिए है, रिकॉर्ड रूम में आग लगने पर जल जाने के लिए है!उसका कोई भी अपराध तब तक अपराध नहीं है, जब तक अपराधी नैतिकता के लंबरदार की नुमाइंदगी स्वीकार करने को तैयार है! हर फाइल को बंद करवाने की एक कीमत है और नष्ट करवाने की दूसरी कीमत है।वह दो और फिर सच्चरित्र का प्रमाण पत्र ले जाओ! और अगर सीना छप्पन इंच (नरेंद्र दामोदर मोदी)का है, तो उसे 106 इंच तक फुलाकर आराम से छाती के बटन खोलकर चलो।और अकेले मत चलो, अपने पीछे पूरी बारात लेकर ठसके से मालाएं गले में लाद कर आगे-आगे चलो! किसी के पिताजी के पिताजी के दादाजी में भी हिम्मत नहीं कि रोक-टोक सके! रोकेगा तो हड्डियां अपनी तुड़वाएगा, 106 इंची का बाल भी बांका नहीं होगा! इसका कारण यह है कि हम दुनिया के परम नैतिक लोग हैं, जो परम नैतिक सरकार के चरम नैतिक मुखिया के नेतृत्व में विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर हैं!







चाल, चरित्र और चेहरे में से एक भी चीज़ जगलैंड जी के पास भी होती, तो पूर्व प्रधानमंत्री होकर वह ऐसी घटिया हरकत कदापि नहीं करते, भाजपा की वाशिंग मशीन में धुल कर सच्चरित्र होकर निकलते! कोई बड़ी बात नहीं हुई थी, फाइल में उनका नाम ही आया था न, भ्रष्ट होना ही साबित हुआ था न! इतने से ही वह इतने अधिक घबरा गए, जबकि हमारे यहां भ्रष्ट और एपस्टीनी होने पर नेता पुरस्कृत होते हैं! हम सनातनी हैं, हमें भ्रष्टाचार जैसी भौतिकताएं छू भी नहीं पाती!

दुनिया के दस देशों के 15 से अधिक बड़े पदों पर बैठे लोगों को पद छोड़ना पड़ा, ब्रिटेन के पूर्व राजकुमार एंड्रयू तक को ग्यारह घंटे तक जेल की हवा खानी पड़ी, प्रधानमंत्री स्टार्मर को एपस्टीन कांड में ब्रिटेन के बड़े लोगों के शामिल होने पर माफी मांगनी पड़ी। बिल गेट्स ने दो रूसी महिलाओं के साथ संबंध होना स्वीकार कर लिया मगर परम नैतिक लोगों के परम नैतिक प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कुछ नहीं हुआ। पेड़ जोर-जोर से हिलाने की कोशिश विपक्ष ने की, मगर पत्तों ने हिलने से मना कर दिया! हिलाने वाले हार थककर लौट गए। जिन मंत्री जी का नाम आया, वह पहले की तरह दनदना रहे हैं, बल्कि पहले से ज्यादा फनफना रहे हैं, क्योंकि अमेरिका की इतनी कुख्यात फाइल में नाम आ जाना जीवन की कोई छोटी उपलब्धि नहीं है! अनिल अंबानी की सेहत पर फर्क तो पड़ा है, मगर इस वजह से बिलकुल नहीं पड़ा। जालसाजी की वजह से थोड़ा अंतर पड़ा, पर थोड़ा वक्त बीत जाने दीजिए, उनका भी सब ठीक हो जाएगा! नैतिकता का पालन करने वाले इस देश में अदालत से भी एक दिन वह परम नैतिक होने का प्रमाणपत्र ले आएंगे!

इस समय हमारे देश में राज चल रहा है। चाल, चरित्र और चेहरे की महत्ता बेहद बढ़ गई है। भारत, नेहरू युग से नैतिकता में बहुत आगे निकल आया है। तब कलयुग था, अब सतयुग आ चुका है! जल्दी ही त्रेतायुग भी पधार जाएगा!






हमारे यहां सब कुछ नैतिक है। चोरी करना भी नैतिक है, बलात्कार करना भी नैतिक है। हत्या करना भी नैतिक है।हमारी अदालतों पर भ्रष्टाचार का एक दाग तक नहीं चिपका है। चिपका होता, तो हमारे चीफ जस्टिस साहब और प्रधानमंत्री इतने सख्त नहीं हो जाते कि एनसीईआरटी के प्रमुख थर-थर कांपने लग जाते! हम नैतिक हैं, इसलिए राहुल गांधी के खिलाफ देशभर की अदालतों में 32 मुकदमे चल रहे हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने नैतिकता के सर्वोच्च मानदंड स्थापित करते हुए अपने विरुद्ध सभी मुकदमे वापस ले लिए हैं! हमारे बाबा तक इतने नैतिक हैं कि हत्या और बलात्कार करके जब चाहते हैं, बाहर आ जाते हैं। आज चाहें, तो आज बाहर आ जाएं! हम इतने नैतिक हैं कि नागपुरी संतरे हैं।हम इतने नैतिक हैं कि मुसलमान की चाय की दुकान मंगलवार को चलने नहीं देते, क्योंकि वह हनुमान जी का दिन होता है और हम इतने नैतिक हैं कि अडानी की झोली इतनी ज्यादा भर देते हैं कि अमेरिकी अदालत जब उसमें छोटा-सा सुराख कर देती है, तो हमारे नैतिक परमाचार्य जी उसे सी कर ठीक कर देते हैं। हम इतने नैतिक हैं कि दुनिया भर में पेगासस जासूसी उपकरण पर तहलका मचता है और यहां मचकर भी नहीं मचता, क्योंकि यहां टीवी चैनल भी नैतिक है, अखबार भी नैतिक हैं, सीबीआई भी नैतिक है, अदालत भी नैतिक हैं और जो भी अनैतिक है, सब अंदर जा चुके हैं और जो अभी बचे हुए हैं,अंदर कर दिए जाएंगे। हमारे यहां सब कुछ बर्दाश्त किया जा सकता है, अनैतिकता नहीं!

नैतिकता अमर रहे!

(कई पुरस्कारों से सम्मानित विष्णु नागर साहित्यकार और स्वतंत्र पत्रकार हैं। जनवादी लेखक संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।)

भारत का नेतृत्वनान-बायोलॉजिकल अवतारी पुरुषभारतीय राजनीति विवादप्रधानमंत्री बयानराजनीतिक बयानबाज़ीचुनावी भाषण चर्चाPM Narendra Modi statementIndian political controversyLok Sabha election debateIndian democracy debateOpposition reactionBreaking political newsHindi news analysisATAL HIND Newsन्यूज़ हैंड न्यूजन्यूज हैंड हिंदी न्यूजहिंदी न्यूज न्यूज़ हैंडन्यूज वेबसाइट न्यूज़ हैंडन्यूज हैंड न्यूज पोर्टलन्यूज हैंड हिंदी न्यूज पोर्टलIndia's LeadershipNon-Biological Incarnate ManIndian Political ControversyPrime Minister's StatementPolitical RhetoricElection Speech DiscussionPM Narendra Modi StatementLok Sabha Election DebateIndian Democracy DebateOpposition ReactionBreaking Political NewsHindi News AnalysisNews Hand NewsNews Hand Hindi NewsHindi News News HandNews Website News HandNews Hand News PortalNews Hand Hindi News Portalताजा राजनीतिभारत का नेतृत्व नान बायोलॉजिकल अवतारी पुरुषप्रधानमंत्री का बयानराजनीतिक बयान विवादनरेंद्र मोदी भाषणचुनावी सियासतलोकसभा चुनाव मुद्दाभारतीय राजनीति ताज़ा खबरNon biological avatar remarkElection speech debateHindi breaking newsNEWS HAND exclusiveIndia's leadership is a non-biological avatarPrime Minister's statementPolitical statement controversyNarendra Modi speechElection politicsLok Sabha election issueIndian politics latest newsNon-biological avatar remarkनान बायोलॉजिकल अवतारी पुरुषNarendra Modi statementPM Modi speech controversyभारतीय राजनीतिलोकसभा चुनाव बहसNEWS HAND analysisकैथल न्यूज़न्यूज कैथल हरियाणान्यूज हैंड कैथलन्यूज़ हैंड हरियाणा न्यूजIndia's leadershipNon-biological incarnate manIndian politicsKaithal NewsNews Kaithal HaryanaNews Hand KaithalNews Hand Haryana News
Related Articles
Next Story
Share it