तरावड़ी-नौंवी कक्षा की छात्रा ने की आत्महत्या

सहेली से बातचीत बंद होने और पारिवारिक शक से परेशान थी नाबालिग छात्रा

गांव पधाना में सुसाइड नोट छोड़कर नौंवी कक्षा की छात्रा ने की आत्महत्या

तरावड़ी, 3 फरवरी (रोहित लामसर)।


तरावड़ी थाना क्षेत्र के पधाना गांव में नौंवी कक्षा की नाबालिग छात्रा द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में पुलिस को सुसाइड नोट मिला है, जिससे घटना के पीछे मानसिक तनाव की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार छात्रा द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लिखा गया है कि “मेरी सहेली मुझसे बात नहीं करती और घर वाले मुझ पर शक करते हैं, इसलिए मैं यह दुनिया छोड़ रही हूं।” इस नोट के मिलने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। वहीं, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे के सभी कारणों को स्पष्ट किया जा सके। थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि पुलिस द्वारा सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच में शामिल किया गया है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जानकारी देते हुए तरावड़ी थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि फिलहाल पुलिस छात्रा की पारिवारिक स्थिति, सहेली से क्या-क्या बातचीत हुई, मानसिक तनाव के कारण के अलावा स्कूल व सामाजिक परिवेश इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। परिवार की शिकायत और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


बाक्स

मानसिक दबाव बना आत्महत्या की बड़ी वजह :- पधाना गांव की नाबालिग छात्रा की आत्महत्या ने एक बार फिर किशोरों में बढ़ते मानसिक दबाव को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उम्र में बच्चों का भावनात्मक रूप से कमजोर होना स्वाभाविक है और छोटी-छोटी बातें उन्हें गहरे तनाव में डाल सकती हैं। परिचितों के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में सामान्य थी, लेकिन हाल के दिनों में वह चुप-चुप रहने लगी थी। ऐसे मामलों में समय रहते संवाद, समझ और परामर्श बेहद जरूरी होता है। यह घटना समाज और अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों के मन की बात सुनना और उन्हें भावनात्मक सहारा देना कितना आवश्यक है।

Related Articles
Next Story
Share it