गुरुग्राम में साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश
फिलीपींस/कंबोडिया से संचालित साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश
05 अलग-अलग शिकायतों पर कार्यवाही करते हुए 05 किए गए मामले दर्ज
अवैध सिम बॉक्स संचालन व सप्लाई करने वाले 05 आरोपी गिरफ्तार
चीन/नेपाल -बिहार रूट के माध्यम से होती थी अवैध उपकरणों की सप्लाई
सिम बॉक्स के जरिए कॉल डायवर्ट कर साइबर अपराध को दिया जाता था अंजाम
फतह सिंह उजाला
गुरुग्राम 01 अप्रैल। थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में व्यक्तियों/मकान मालिकों से 04 अलग-अलग शिकायतें तथा थाना साइबर दक्षिण, गुरुग्राम में 01 शिकायत प्राप्त हुई, जिनमें शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उनके किरायेदारों द्वारा उनके मकानों में अवैध रूप से सिम बॉक्स (GSM Gateway) का संचालन किया जा रहा है, जिसका उपयोग अनधिकृत दूरसंचार गतिविधियों व साइबर अपराध को अंजाम देने में किया जा सकता है। प्राप्त शिकायतों पर नियमानुसार कार्यवाही करते हुए पुलिस थाना साइबर अपराध पश्चिम, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत 04 अलग-अलग अभियोग तथा साइबर दक्षिण, गुरुग्राम में 01 अभियोग अंकित किया गया।
उपरोक्त अभियोगों में त्वरित कार्रवाई करते हुए श्री प्रियांशु दीवान, एचपीएस, सहायक पुलिस आयुक्त, साइबर अपराध, गुरुग्राम के नेतृत्व में SIT गठित की गई। तथा पुलिस टीमों द्वारा शिकायतकर्ताओं को साथ लेकर संबंधित स्थानों यू-ब्लॉक, गुरुग्राम, चकरपुर, गुरुग्राम में रेड की गई। रेड के दौरान अलग-अलग कमरों/स्थानो से अवैध रूप से संचालित 13 सिम बॉक्स, 07 वाईफाई TAPO कैमरा विद हुमन डिटेक्शन, 07 वाई-फाई राउटर्स, 07 इनवर्टर, 30 बैटरी, 29 TAPO वाई-फाई स्विचस, 28 इथरनेट वायर, 504 सिम कार्ड, 01 रेलवे टिकट, चाइना कार्टून बॉक्स बरामद किए गए, जिन्हें नियमानुसार पुलिस कब्जा में लिया गया।
अभियोगों के अनुसंधान के दौरान तकनीकी सहायता, मोबाइल नंबरों, डिजिटल साक्ष्यों व अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमों द्वारा उपरोक्त वारदात में *शामिल 05 आरोपियों* को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई:-
राहुल कुमार निवासी ग्राम नगला नोक्स, जिला कासगंज (उत्तर-प्रदेश), यश अमृत सिंह डुगर निवासी 32, रिवेरा ग्रीन बंगलोज, साणंद, जिला अहमदाबाद (गुजरात), भाविका रमेश भगचंदानी निवासी प्लॉट नं. 229, मंगलश्वर नगर, बिहाइंड लीलाशाह कुटिया, अंजार, जिला कच्छ (गुजरात),
लितेश निवासी जलगांव (महाराष्ट्र), सागर निवासी जलगांव (महाराष्ट्र)।
पुलिस टीम द्वारा आरोपी राहुल कुमार को कासगंज, जिला कासगंज (उत्तर-प्रदेश) से, आरोपी सागर को गुरुग्राम से, आरोपी यश को अहमदाबाद से, आरोपी भाविका को गुरुग्राम से व आरोपी लितेश को जलगांव (महाराष्ट्र) से काबू किया गया। पूछताछ में आरोपी राहुल ने खुलासा किया कि इसके एक अन्य साथी के माध्यम से इसका संपर्क फिलीपींस में बैठे व्यक्ति से हुआ था। उसी के माध्यम से इसके पास सिम बॉक्स, राउटर व अन्य सामान आया था। आरोपी ने यह भी बताया कि उसने वीडियो कॉल के माध्यम से फिलीपींस में बैठे व्यक्ति की सहायता से सिम बॉक्स को सेटअप किया तथा इन उपकरणों को यू-ब्लॉक, डीएलएफ फेज-3, गुरुग्राम सहित अन्य स्थानों तक पहुंचाया था, जिसके बदले उसे पैसे मिले थे। आरोपी सागर के नाम से रूम रेंट तथा इंटरनेट कनेक्शन था। आरोपी भाविका कंबोडिया में बैठे उनके अन्य साथी से संपर्क में रहती थी तथा आरोपी यश के माध्यम से USDT को रुपए में तथा रुपए को USDT में कन्वर्ट करवाती थी।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि उपरोक्त उपकरणों का उपयोग इंटरनेट के माध्यम से कॉल रूटिंग, कॉल डायवर्जन तथा अन्य अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था, जिनके माध्यम से साइबर फ्रॉड जैसी आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया जा सकता था। आरोपियों ने खुलासा किया कि यह अवैध उपकरण फिलीपींस से नेपाल लाए जाते थे, नेपाल से बिहार भेजे जाते थे और उसके बाद भारत के अलग-अलग राज्यों/शहरों में सप्लाई किए जाते थे। उपरोक्त उपकरणों के माध्यम से डिजिटल अरेस्टिंग की वारदातों का अंजाम दिया था जाता था तथा आरोपियों द्वारा डिजिटल अरेस्टिंग तथा विभिन्न साइबर अपराधों में प्रयोग की गई 2258 फर्जी सिम कार्ड में रिचार्ज करवाया गया था। जांच में यह भी सामने आया है कि उपरोक्त आरोपी साइबर स्लेवरी में भी शामिल थे तथा व्यक्तियों को कंबोडिया भेजते थे जहां पर उनसे साइबर अपराध करवाए जाते थे।
अभियोग के अनुसंधान के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ व तकनीकी अनुसंधान में इनके आपसी संपर्क, डिजिटल चैट, मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। आरोपियों के कब्जा से मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें नियमानुसार पुलिस कब्जा में लेकर आगामी जांच की जा रही है।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह गिरोह संगठित रूप से कार्य कर रहा था और सिम बॉक्स के माध्यम से दूरसंचार प्रणाली का दुरुपयोग करके साइबर अपराधियों को तकनीकी सहायता उपलब्ध करवा रहा था। आरोपियों की भूमिका अवैध सिम बॉक्स संचालन, उपकरणों की डिलीवरी, सेटअप, कॉल रूटिंग व साइबर अपराधियों से समन्वय स्थापित करने में पाई गई है।